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Class – VI Prabhati

                              प्रभाती

संक्षिप्त प्रउत्तर  (SHORT Q/A)

१. इस कविता में  किस समय का वर्णन किया जाता हैं ?

उ० = इस कविता में रात और सुबह दोपहर  का वर्णन किया गया हैं।  

२. किनको गिनकर लम्बी रात काटी जाती है ?

उ० = तारो को  गिनकर लम्बी रात काटी जाती है।

३. अनगित  किरणों  की भीड़ – भाड़  में  क्या  खो गए ?

उ०= अनगित किरणों  की भीड़ – भाड़ तारे खो जाते हैं।

४. कवि  ने स्वप्नलोक  के पलो को कैसा  बताया  है ?

उ० =  कवी ने स्वप्नलोक के पलों को शांत बताया हैं।

५. गतिवान समय की तेज चाल को कौन रोक रहा ?

उ० = स्वप्नलोक  गतिवान समय की तेज चाल को रोक रहा हैं।

६. रात को जग से किसने बात की ?

उ ०= रात को जग से चंदा ने बात की।

७. समय की चाल कैसी मानी हैं ?

उ ० = समय की चाल को चलायमान  तेज मानी गई है। 

८. दिन का हर क्षण कैसा माना गया है ?

उ ० = दिन का हर  क्षण  प्रकाशवान माना गया है।

९. दोपहर का समय कैसा हैं ?

उ ० = दोपहर का समय गरम और तप्ता हुआ है।

१०. श्रमजीवी किसे कहा गया हैं ?

किसानो को श्रमजीवी कहा गया हैं।

११. धरती के प्यारे कौन हैं ?

उ०.  धरती के प्यारे किसान है।

१२. हमारी प्रत्येक सुबह कैसे आरंभ होती हैं ?

उ०. हमारी प्रत्येक सुबह हमारी कहानी का एक नया पृष्ठ आरंभ करती हैं।

१३. प्रभाती कविता के कवि का नाम लिखो ?

उ०.   रघुवीर सहाय।

दीर्घ प्र०/ उ० (LONG Q/A)

१. जागे जन  – जन ज्योतिर्मय हो दिन का का क्षण – क्षण पंक्ति का अर्थ लिखो ?

उ०. प्रस्तुत पंक्ति में कवि कहते हैं की प्रत्येक व्यक्ति सुबह के साथ साथ जग जाता हैं , और प्रकाशमय नए दिन का शुरुआत  करता हैं। और उसे अपने प्रयास से श्रेष्ठ बनाता हैं।

२. किरणों की भीड़ में कौन खो गया ?

उ०. किरणों की भीड़ में जिनको गिनकर सबकी रातें कही थी वो तारे  खो गये हैं।

३. तपती दुपहर में कौन काम करने निकल पड़ा कैसे ?

उ०. तपती जलती दुपहर में किसान काम करने निकल पड़ा जो की लगातार मेहनत करता हैं चाहे गर्मी हो या ठंडा या वरसात।

४. समय को गतिवान क्यों कहा गया है ?

उ०.  समय अपनी रफ़्तार से हमेशा चलता रहता हैं। समय किसी के लिए  नै रुकता हैं। चलायमान समय अपनी तेज चल में चलता रहता हैं। चाहे कोई  समय पर काम पूरा करे या न करे समय किसी के लिए नहीं रुकता।

५.  सुबह को गरम और दुपहर को तपती कहने  से क्या तात्पर्य हैं ?

उ०. सुबह को गरम यानी गर्मी में सूरज तेज रौसनी (धुप ) के कारण सुबह को  गरम महसूस होता हैं , और दुपहर को ताप्ती यानि दुपहर में एक दम ताप वाली गर्मी तेज धूप के कारण दुपहर का समय तपन लगता हैं सूरज भी एक सिधे ताप डालता हैं।

६ .  स्वप्न लोक के पलों को क्षण – भगुर के समान क्यों कहा गया हैं ?

उ०.  स्वप्न लोक के पलों को क्षण – भगुर के समान इसलिए कहा गे है क्यूकि स्वप्न का पल तुरंत क्षणभर  में नष्ट होने वाला होता हैं। अर्थात स्वप्न का समय जल्द ही बीत जाता हैं।

७. जागे जन – जन

ज्योतिर्मय हो दिन का क्षण – क्षण

उ०. प्रस्तुत पंक्ति में कवि कहते हैं की सूरज की प्रथम किरणो के साथ सभी लोग जग जाते हैं इस आशा में की दिन का हर क्षण प्रकाश वान होगा।

   उचित विकल्प पर ( ) का चिन्ह लगाइए                             (MCQ)

(क ).  रात को जग से किसने बात की ?

  • आसमान ने  
  • सूरज ने      

    ३.  पेड़ों ने                     

    ४.  चंदा ने          ✔

(ख ). समय की चाल कैसी मानी गई हैं ?

  • तेज         ✔  

   २. धीमी 

   ३. लँगड़ी सुस्त     

   ४. समय गतिहीन हैं 

(ग ). दिन का क्षण – क्षण  कैसा हैं ?

  • प्रकाशवान   ✔
  • अंधकारमय

    ३.  सुस्त      

    ४.  रुका हुआ 

(घ ). गतिवान किसे कहते हैं ?

  • दुपहर को
  • कामना को

    ३. सुबह को

  ४. समय को ✔

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